तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना ने ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में पहले ईरान के चार अटैक ड्रोन मार गिराए गए, जिसके बाद संभावित हमलों को रोकने के लिए रडार साइट्स को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना का कहना है कि ये कार्रवाई क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। सेंटकॉम के मुताबिक, रडार ठिकाने ईरानी सैन्य गतिविधियों की निगरानी और मिसाइल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां मिसाइल हमलों के प्रभाव और संभावित नुकसान का आकलन कर रही हैं। बढ़ते सैन्य टकराव के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि हालिया सैन्य अभियानों के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता बुरी तरह कमजोर हो चुकी है। ट्रम्प के अनुसार, ईरान की मूल मिसाइल ताकत का केवल 22 प्रतिशत हिस्सा ही अब सक्रिय बचा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
लगातार बढ़ रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।


