बाराबंकी जिले के थाना क्षेत्र स्थित हाजीपुर गांव में सोमवार देर रात तेज आंधी के दौरान भीषण आग लगने से किसान राम दुलारे रावत का कच्चा छप्परनुमा घर जलकर राख हो गया। इस दर्दनाक हादसे में करीब 17 बकरियां जिंदा जल गईं, जबकि घर में रखा गेहूं, चावल, सरसों, कपड़े, अलमारी, बक्सा और अन्य जरूरी घरेलू सामान भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
परिजनों के अनुसार सोमवार रात करीब 11:35 बजे परिवार के सभी लोग खाना खाने के बाद सो गए थे। भीषण गर्मी और बिजली कटौती के कारण परिवार के सदस्य घर के बाहर लेटे हुए थे। इसी दौरान अचानक छप्पर से आग की लपटें उठने लगीं। आग देखते ही परिवार के लोग घबरा गए और शोर मचाने लगे। देखते ही देखते आग ने पूरे कच्चे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
पीड़ित किसान राम दुलारे रावत ने बताया कि ग्रामीणों ने पंपिंग सेट और इंजन की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर का अधिकांश सामान जल चुका था और बकरियों को बचाया नहीं जा सका। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब दो घंटे तक दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। लोगों में प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली।
थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्य ने बताया कि आग अज्ञात कारणों से लगी थी। आग में कच्चा मकान पूरी तरह जल गया और 15 से 17 बकरियों समेत घरेलू सामान नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।


