संभल जिले के गुन्नौर तहसील क्षेत्र के थाना जुनावई अंतर्गत गांव लतीफपुर धीर के जंगल में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में लगे ट्यूबवेल में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी गेहूं की खड़ी फसल तक पहुंच गई, जिससे देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और किसानों की मेहनत पल भर में राख हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब खेत में ट्यूबवेल चालू किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी सूखी गेहूं की फसल पर जा गिरी और आग तेजी से फैलने लगी। तेज हवा के कारण आग ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इस आग की चपेट में गांव निवासी बॉबी पुत्र देवेंद्र की 2 बीघा और बिजेंद्र पुत्र मेवाराम की 10 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। कुल मिलाकर लगभग 12 बीघा फसल और करीब 60 कुंतल गेहूं पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और बड़ा हिस्सा जल चुका था। राहत की बात यह रही कि आसपास मौजूद लगभग 20 बीघा कटी हुई फसल को सुरक्षित बचा लिया गया।
किसान बॉबी ने बताया कि उनकी कुल 5 बीघा फसल में से 2 बीघा जलकर नष्ट हो गई, जिससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं किसान बिजेंद्र ने बताया कि उनकी 20 बीघा में से 10 बीघा फसल आग में खत्म हो गई, जिससे करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली उपकरणों और ट्यूबवेल से इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वहीं प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मौसम की मार के बाद अब आग की घटनाएं किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं, जिससे उनकी मेहनत और उम्मीद दोनों पर असर पड़ रहा है।


