कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील क्षेत्र के पौर गांव में गुरुवार दोपहर गेहूं की कटाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हार्वेस्टर मशीन से निकली चिंगारी के कारण खेत में आग लग गई, जिससे करीब आठ बीघा खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।
जानकारी के अनुसार, पूरब शरीरा निवासी सुधाकर गर्ग की लगभग 14 बीघा कृषि भूमि पौर गांव में है, जिसे उन्होंने झुरिहा पर गांव के सुरेन्द्र कुमार को बटाई पर दे रखा था। गुरुवार को खेत में हार्वेस्टर से कटाई का काम चल रहा था, तभी अचानक मशीन से निकली चिंगारी सूखी फसल पर गिर गई और आग भड़क उठी।
तेज हवा चलने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास के खेतों तक फैलने लगी। मौके पर मौजूद किसानों और मजदूरों ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन पर काबू पाना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया।
घटना की सूचना फायर स्टेशन को दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण दमकल विभाग की टीम को मौके पर पहुंचने में समय लग गया। जब तक दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक करीब आठ बीघा फसल पूरी तरह जल चुकी थी। हालांकि दमकल कर्मियों ने बाद में कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया और बाकी खेतों को जलने से बचा लिया।
इस हादसे के बाद खेत मालिक और बटाईदार दोनों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और वे गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण हार्वेस्टर से निकली चिंगारी हो सकती है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।
प्रभावित किसान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, जबकि क्षेत्र के अन्य किसानों में भी इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाई के समय यदि अधिक सावधानी बरती जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।


