102 गांवों में बाढ़ का असर बरकरार, बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में फिर बढ़ी चिंता; कटान रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय
फर्रुखाबाद। पिछले कई दिनों से घट रहे गंगा के जलस्तर से राहत महसूस कर रहे तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। बीते दो दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर पहुंच गया। जिले में खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से गंगा अब खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर के मुकाबले जलस्तर 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने करीब एक महीने से बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीणों की मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों में पानी घटने लगा था, जिससे गंगा किनारे और बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली थी। खेतों और रास्तों से पानी कम होने लगा था, लेकिन अचानक दोबारा बढ़ रहे जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर बनी हुई है।
रामगंगा भी चेतावनी बिंदु पर
गंगा के साथ रामगंगा नदी का जलस्तर भी प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। रविवार सुबह रामगंगा का जलस्तर 136.60 मीटर दर्ज किया गया, जो उसके चेतावनी बिंदु के बराबर पहुंच गया है। इससे रामगंगा के आसपास के तटवर्ती क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
102 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में
जिले में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के मुताबिक 102 गांव अभी भी बाढ़ प्रभावित हैं। इन गांवों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की जरूरतों और संभावित खतरे का आकलन किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय है। राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। ग्रामीणों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी जा रही है।
कटरी तौफीक में कटान ने बढ़ाई चिंता
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे कटान का खतरा भी बढ़ गया है। कटरी तौफीक गांव में गंगा के कटान को रोकने के लिए बचाव कार्य जारी है। संबंधित विभागों की टीमें मौके की स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक बचाव कार्य कर रही हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो कटान की समस्या गंभीर हो सकती है।
राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा प्रशासन
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग की ओर से आपदा राहत सामग्री का वितरण जारी है। प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल गंगा खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी है। ऐसे में रविवार को नदी के जलस्तर में होने वाला उतार-चढ़ाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तटवर्ती गांवों के लोगों की नजर जहां गंगा पर टिकी है, वहीं प्रशासन भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।


