वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित शांति समझौते को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दिए जाने की खबरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे किसी भी दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान को सैकड़ों अरब डॉलर देने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं और इस तरह की अफवाहें राजनीतिक विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है, लेकिन आर्थिक सहायता को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वहीं ईरानी मीडिया में दावा किया गया है कि समझौते के तहत प्रतिबंधों में ढील, फ्रीज किए गए फंड की रिहाई और पुनर्निर्माण सहायता जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने प्रस्तावित हैं। हालांकि समझौते का पूरा दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि समझौते का आधिकारिक पाठ इसी सप्ताह जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक राहत तभी मिलेगी, जब वह समझौते की सभी शर्तों का पूर्ण रूप से पालन करेगा।
इस बीच दुनिया भर की नजरें अमेरिका-ईरान समझौते पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर पश्चिम एशिया की स्थिरता, वैश्विक तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।


