लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। वहीं लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, घाघरा, शारदा समेत 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बिजनौर, फर्रुखाबाद सहित कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि चंदौली के राजदरी झरने में तेज बहाव में फंसे प्रयागराज के दो युवकों को वन विभाग और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।
बारिश का असर आगरा, कानपुर, वाराणसी, बरेली, मेरठ और प्रयागराज में भी देखने को मिला। आगरा में आधे घंटे की बारिश से कई सड़कें तालाब बन गईं, जबकि कानपुर और लखनऊ में शाम के समय गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र के छह गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न होने से लोगों को नाव और ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पानी भरने के कारण प्रशासन ने मार्ग के एक हिस्से को बंद कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 49 जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई, जिसमें मिर्जापुर में सबसे अधिक 45.9 मिलीमीटर वर्षा हुई। विभाग ने मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के 72 जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदियों व झरनों के पास न जाने की अपील की है। वहीं बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।


