नई दिल्ली: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के चर्चित मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने पूर्व सांसद बृज भूषण शरण Singh और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया। करीब तीन वर्ष तक चले इस मामले में 127 सुनवाई के बाद अदालत ने आरोप सिद्ध न होने पर दोनों को दोषमुक्त करार दिया।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “अगर कोई आरोप साबित हो जाता तो मैं फांसी पर लटक जाता। आज मेरे लिए खुशी का दिन है।” गोंडा स्थित आवास पहुंचने पर समर्थकों ने फूल बरसाकर और पटाखे छोड़कर उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।”
यह मामला जनवरी 2023 में तब चर्चा में आया था, जब विनेश फोगट , साक्षी मलिक और अन्य महिला पहलवानों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अप्रैल 2023 में दिल्ली पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में एक नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली थी।
अदालत के फैसले के बाद अब पीड़ित पक्ष के पास दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प है। नियमानुसार विशेष अनुमति लेकर 60 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। वहीं, बृजभूषण के बेटे करण भूषण ने फैसले को “सत्य की जीत” बताया, जबकि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि अदालत के निर्णय से पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।


