अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिका से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) मंगलवार को दोबारा राम मंदिर परिसर पहुंचा, जहां टीम मंदिर के पुजारियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा मामले में पकड़े गए संदिग्धों से विस्तृत पूछताछ कर रही है। एसआईटी ने पहले दिन दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और दान राशि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की थी, जबकि अब संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।
शासन ने एसआईटी को सात दिन के भीतर प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मामले को लेकर अयोध्या में संत-महंतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। अधिकांश लोगों का मानना है कि यह मामला आस्था से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
इधर धर्म सेना प्रमुख एवं पूर्व शिवसेना नेता संतोष दुबे ने थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर चार नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है तथा एफआईआर दर्ज न होने पर न्यायालय जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के चढ़ावे से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
देशभर से दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि दान की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए सच्चाई सामने आना जरूरी है। फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।


