वृक्षारोपण अभियान की सफलता पर उठे सवाल
फर्रुखाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों, शैक्षिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से बीते दिन जनपद में 4.72 लाख पौधे लगाए गए। “मां के नाम एक पौधा” अभियान के तहत भी लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि हरित भविष्य के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल भी करनी होगी।
जिले में इस वर्ष कुल 40.82 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत अलग-अलग चरणों में वृक्षारोपण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, लेकिन पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस अभियान की सफलता पर सवाल भी उठ रहे हैं।
दरअसल, वर्ष 2025 में जिले में लगभग 3.70 लाख पौधे लगाए जाने का दावा किया गया था, लेकिन वर्तमान में उनकी वास्तविक स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लगाए गए पौधे अब दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों पौधों में से पांच हजार पौधे भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। ऐसे में हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर नए पौधे लगाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि वृक्षारोपण की सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनकी नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। ऐसे में अब जिलेवासियों की निगाहें जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और संबंधित विभागों की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर टिकी हैं। देखना होगा कि 40.82 लाख पौधे लगाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ शुरू हुआ यह अभियान इस बार धरातल पर कितनी सफलता हासिल कर पाता है और लगाए गए पौधे वास्तव में वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे पाते हैं या नहीं।


