– सॉफ्टवेयर खराब होने से नहीं हो पा रहे डिजिटल एक्स-रे, मरीज परेशान
फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी का असर अब जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में अत्यधिक तापमान और बिजली व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के चलते डिजिटल एक्स-रे सेवा पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बिजली संबंधी तकनीकी समस्या के बाद डिजिटल एक्स-रे मशीन का सॉफ्टवेयर ठप हो गया, जिससे मरीजों की जांच बाधित हो गई है।
अस्पताल में रोजाना दर्जनों मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। कई मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार लगातार बढ़ रही गर्मी और बिजली उपकरणों पर अत्यधिक दबाव के चलते एक्स-रे कक्ष की तकनीकी प्रणाली अचानक प्रभावित हो गई। मशीन का सॉफ्टवेयर काम करना बंद कर गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने उसे दोबारा चालू करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
जानकारी के मुताबिक डिजिटल एक्स-रे मशीन सोमवार तक बंद रह सकती है। तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए लखनऊ और कानपुर से विशेषज्ञ इंजीनियरों को बुलाया गया है। इंजीनियरों के पहुंचने और सॉफ्टवेयर दुरुस्त होने के बाद ही सेवा बहाल हो सकेगी।
मशीन खराब होने का सीधा असर अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि हड्डी, छाती और अन्य कई बीमारियों के निदान में एक्स-रे जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। जांच न होने से उपचार प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और कई मामलों में डॉक्टरों को निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है।
शनिवार को अस्पताल में एक्स-रे कराने पहुंचे कई मरीज घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते जांच नहीं हो सकी। तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
गर्मी के इस दौर में जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की महत्वपूर्ण जांच सेवा बंद होना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले से ही संसाधनों की कमी है, ऐसे में तकनीकी खराबी के कारण सेवाएं बाधित होना आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
अब निगाहें सोमवार पर टिकी हैं, जब विशेषज्ञ इंजीनियर मशीन को दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे। यदि तकनीकी समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।


