संभल। जिले के संयुक्त अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई जब रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी के चलते मरीजों को जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात है और उनके अवकाश पर जाने के बाद पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
स्थिति यह है कि रोजाना 40 से 50 मरीज अल्ट्रासाउंड और अन्य रेडियोलॉजी जांचों के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज घंटों लाइन में इंतजार करने के बाद मायूस लौट रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि गंभीर मरीजों को जांच के लिए मुरादाबाद रेफर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि जिला अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से तत्काल अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो मरीजों की जान पर भी खतरा बढ़ सकता है। जिला अस्पताल की बदहाल स्थिति अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।


