अलीगढ़ के धर्म समाज कॉलेज में लंबे समय से छात्रों और छात्राओं को बंदरों की समस्या से राहत दिलाने वाले “गोलू” नामक लंगूर को अब कॉलेज से हटा दिया गया है। वन विभाग की टीम ने 24 अप्रैल को कॉलेज पहुंचकर उसे मुक्त कराते हुए वहां से ले जाया, जिससे परिसर में हलचल और भावनात्मक माहौल बन गया।
कॉलेज प्रशासन ने करीब छह महीने पहले खेरेश्वर निवासी लव के माध्यम से गोलू लंगूर को बतौर “गार्ड” तैनात किया था। इसे बंदरों को भगाने के लिए रखा गया था और इसके बदले करीब 12 हजार रुपये मासिक भुगतान किया जा रहा था। गोलू रोज सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक ड्यूटी करता था और फिर परिसर में ही बने अपने अस्थायी ठिकाने में आराम करता था।
छात्राओं और स्टाफ के अनुसार, गोलू की मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बंदरों की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो गई थी। कई बार परिसर में उत्पात मचाने वाले बंदर उसकी उपस्थिति से दूर रहते थे, जिससे छात्रों को राहत मिलती थी।
हालांकि मामला तब बदल गया जब वन विभाग की टीम कॉलेज पहुंची और लंगूर को रस्सी से बांधकर रखने पर आपत्ति जताई। विभागीय अधिकारियों ने इसे वन्यजीव संरक्षण नियमों के खिलाफ बताते हुए गोलू को तत्काल मुक्त कराने का निर्णय लिया।
वन्यजीव संरक्षण अधिकारी पुत्तूलाल ने मौके पर पहुंचकर गोलू को आजाद कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी वन्यजीव को इस तरह बांधकर काम में लगाना नियमों के विरुद्ध है। इस दौरान कई छात्राएं मौके पर मौजूद थीं और उन्होंने मोबाइल से इस दृश्य को रिकॉर्ड भी किया।
गोलू के जाने के बाद छात्राओं ने चिंता जताई कि अब परिसर में बंदरों की समस्या फिर बढ़ सकती है। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नगर निगम की मदद से बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
धर्म समाज कॉलेज से “लंगूर गार्ड” गोलू की विदाई, वन विभाग ने कराया मुक्त, बंदरों की समस्या फिर बनी चुनौती


