‘फिंगर प्रिंट’ के नाम पर वसूली का दावा, किसानों ने खरीद केंद्र प्रभारी पर लगाए रिश्वतखोरी और अभद्रता के आरोप
कायमगंज/फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद की मंडी समिति स्थित सरकारी मक्का खरीद केंद्र एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। किसानों ने खरीद केंद्र प्रभारी पर रिश्वतखोरी, अभद्र व्यवहार और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर से शिकायत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए अधिकारियों की टीम मौके पर भेज दी है।
क्षेत्र के किसान कौशल मिश्रा द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि खरीद केंद्र पर किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। उनकी मक्का कई-कई दिनों तक तौल के इंतजार में पड़ी रहती है, जबकि व्यापारियों की उपज को प्राथमिकता देकर पहले खरीदा जाता है।
शिकायत का सबसे गंभीर पहलू यह है कि किसानों ने ऑनलाइन फिंगर प्रिंट की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 200 रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि बिना पैसे दिए उनका फिंगर प्रिंट नहीं लगाया जाता, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वसूली गई राशि उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही जाती है।
किसानों का कहना है कि खरीद केंद्र की प्रतिदिन लगभग 300 क्विंटल खरीद क्षमता होने के बावजूद गोदाम में करीब 800 क्विंटल मक्का का स्टॉक जमा है। इससे किसानों को कई दिनों तक अपनी उपज के साथ केंद्र पर इंतजार करना पड़ रहा है। देरी के कारण कई किसान मजबूर होकर खुले बाजार में कम दाम पर मक्का बेचने को विवश हैं।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के लिए खरीद केंद्र भेजा। अधिकारियों ने किसानों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा स्टॉक रजिस्टर, खरीद अभिलेख और तौल व्यवस्था की जांच की।
मक्का खरीद केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खरीद कार्य केवल बारदाना (बोरी) समाप्त होने के कारण प्रभावित हुआ है। नया बारदाना उपलब्ध होते ही खरीद प्रक्रिया फिर से सुचारु रूप से शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र का कुल खरीद लक्ष्य 10 हजार क्विंटल है, जिसके सापेक्ष अब तक 5,900 क्विंटल मक्का खरीदी जा चुकी है। साथ ही 158 किसानों की उपज की तौल की जा चुकी है और सभी कार्य शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किए जा रहे हैं।


