– उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नए मुख्यालय भवन का किया लोकार्पण
– जागरूकता और समय पर चेतावनी को बताया सबसे बड़ा बचाव
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा से होने वाली जन-धन की हानि को पहले से तैयारी, सतर्कता और प्रभावी अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन का भी हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले स्कूलों और परिवारों में आग, भूकंप और अन्य आपदाओं से बचाव के तरीकों की जानकारी दी जाती थी, जिससे लोगों में जागरूकता रहती थी।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय घबराहट और असामान्य व्यवहार नुकसान बढ़ा देता है, जबकि थोड़ी-सी जागरूकता और सही प्रशिक्षण से बड़ी जनहानि को टाला जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश में खराब मौसम के दौरान हुई 111 लोगों की मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन सुबह तक मौसम सामान्य था, लेकिन दोपहर करीब दो बजे के बाद अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया। फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में आकाशीय बिजली और तेज आंधी-बारिश की घटनाओं में 111 लोगों की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक बुलाकर नाराजगी व्यक्त की थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी घटनाओं में होने वाली मौतों को बेहतर तैयारी और समय पर चेतावनी देकर रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के साथ इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि समय रहते लोगों को सचेत कर उनकी जान बचाना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, प्रभावी संचार व्यवस्था और जन-जागरूकता को और मजबूत किया जा रहा है।


