– हिंदू संगठनों ने लगाया ‘लव जिहाद’ का आरोप
– लोहिया अस्पताल में हंगामे के बाद पुलिस बल तैनात
फर्रुखाबाद। थाना शमशाबाद क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में एक नाबालिग किशोरी और एक युवक द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने के बाद हिंदू संगठनो ने उग्र रूप अपना लिया है।उधर दोनों की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें कायमगंज के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। किशोरी की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज कन्नौज रेफर किया है, जबकि युवक का उपचार लोहिया अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी का गांव के ही एक युवक से संपर्क था। परिजनों का आरोप है कि युवक ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में ले लिया था और दोनों के बीच काफी समय से संपर्क था। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया गया कि देर रात दोनों ने कथित रूप से घास जलाने में इस्तेमाल होने वाली दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद दोनों को तत्काल कायमगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।
लोहिया अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने किशोरी की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज कन्नौज रेफर कर दिया। वहीं युवक को लोहिया अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी लोहिया अस्पताल पहुंच गए। हिंदू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला सह संयोजक रोहन मिश्रा, साहिल मिश्रा, सिद्धांत सिंह तथा दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजक विधि सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मामले को लेकर विरोध जताया।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने मामले को ‘लव जिहाद’ बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। यह आरोप संगठनों की ओर से लगाया गया है और इसकी पुलिस स्तर से जांच की जा रही है।
स्थिति को देखते हुए लोहिया अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार भी अस्पताल पहुंचे और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
पुलिस के अनुसार किशोरी और युवक के बीच संपर्क, जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों तथा दोनों के संबंधों से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। किशोरी के बयान, परिजनों के कथन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


