– 41 स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग के बाद 16 केंद्रों पर शुरू हुआ सुरक्षित प्रसव
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ मृत्यु दर कम करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण कदम
फर्रुखाबाद। जनपद में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में 32 एएनएम और 9 स्टाफ नर्स समेत कुल 41 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रसव संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पांच बैचों में आयोजित प्रशिक्षण के बाद अब जनपद के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव सेवाएं शुरू हो गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रशिक्षण के पहले बैच को 13 से 21 अगस्त 2026, दूसरे बैच को 23 से 31 अगस्त, तीसरे बैच को 1 से 8 सितंबर, चौथे बैच को 10 से 18 सितंबर तथा पांचवें बैच को 20 से 28 सितंबर 2026 तक प्रसव संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता के बाद जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में प्रसव सेवाओं का विस्तार किया गया है। इनमें कमालगंज के महकपुर बीजल एवं मानपट्टी, राजेपुर के पिथनापुर, कुबेरपुर कुड़रा, दौलतपुर चकई, दहेलिया एवं नगला हंसा, शमशाबाद के खिनमिनी, मोहम्मदाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरौली, नवाबगंज के पहाड़पुर, सिरमौरा बांगर, बराबिकू एवं दूधेई सलेमपुर, कायमगंज के पितौरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसड़ी तथा नगरीय क्षेत्र का नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवदिया शामिल है।
नगरीय क्षेत्र में नवदिया में प्रसव सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। वहीं आने वाले समय में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में भी प्रसव सेवाएं शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। प्रशिक्षित एएनएम एवं स्टाफ नर्स की उपलब्धता बढ़ने से गर्भवती महिलाओं को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से प्रसव सेवाएं उपलब्ध होने से अप्रशिक्षित दाइयों के माध्यम से प्रसव कराने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही महिलाओं को असुरक्षित परिस्थितियों में प्रसव कराने के लिए निजी नर्सिंग होम पर निर्भरता भी कम हो सकेगी।
सीएमओ ने बताया कि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की जटिलता सामने आने पर स्वास्थ्य केंद्र से समय पर चिकित्सकीय सहायता और आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित जटिल परिस्थितियों में समय पर उपचार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, नजदीकी प्रसव केंद्र और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक गर्भवती महिला को उसके नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सुविधा उपलब्ध हो।


