फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के लगातार उफान ने जिले में बाढ़ का संकट और गहरा दिया है। शनिवार सुबह रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर को पार कर 137.20 मीटर पहुंच गया, जबकि गंगा भी 137.10 मीटर के स्तर पर पहुंचकर खतरे के निशान पर बह रही है। दोनों नदियों के बढ़े जलस्तर से सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसील क्षेत्र के 111 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों का संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
बाढ़ के पानी ने कई गांवों और संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया है। कुछ गांवों में चारों ओर पानी भर जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें भी कट गई हैं। बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर राजेपुर थाना क्षेत्र के चित्रकूट डिप पर एक फीट से अधिक पानी बह रहा है, जबकि शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर करीब दो फीट पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
शनिवार सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा का जलस्तर 137.10 मीटर दर्ज किया गया। नरौरा बांध से 75,819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा में खो बैराज से 920 क्यूसेक, हरेली बैराज से 330 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 5,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
गंगा के कटाव ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। समैचीपुर चितार गांव में नदी लगातार मिट्टी काट रही है। कटान रोकने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से बचाव कार्य जारी है। नदी के कटाव से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि हालात बिगड़ने पर तत्काल बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जरूरतमंद परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां उनके लिए पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासनिक टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं और जलस्तर तथा बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


