प्रधानिया टोला में आधा दर्जन बहुमंजिला मकान मालिकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम, परनाले हटाने के निर्देश
शमशाबाद (फर्रुखाबाद)। नगर पंचायत शमशाबाद ने नगर के मोहल्ला प्रधानिया टोला में सड़क पर पानी गिराने वाले बहुमंजिला भवन स्वामियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर पंचायत की ओर से करीब आधा दर्जन भवन मालिकों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर परनालों की व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क पर पानी गिरने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में व्यवस्था ठीक न किए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जानकारी के अनुसार प्रधानिया टोला में कई तीन से चार मंजिला भवनों के परनाले सीधे सड़क पर गिर रहे हैं। इससे सड़क पर लगातार पानी जमा होने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं पानी गिरने से सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बनी हुई है। राहगीरों को भी सड़क से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि इसी मोहल्ले में नगर पंचायत द्वारा सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में सड़क पर बहुमंजिला भवनों से गिरने वाले पानी के कारण नवनिर्मित सड़क को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर पंचायत ने मामले को गंभीरता से लिया है।
नगर पंचायत शमशाबाद की ओर से संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे के भीतर परनाले हटवाएं और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। नगर पंचायत ने चेतावनी दी है कि सड़क पर पानी गिराने की व्यवस्था जारी रहने पर निर्माणाधीन सड़क को नुकसान पहुंच सकता है, जिसके लिए संबंधित भवन स्वामी जिम्मेदार होंगे।
नोटिस प्राप्त करने वालों में प्रमोद रस्तोगी, अभिषेक, मिथुल रस्तोगी, रमेश पुत्र जौचरन, सुबोध कुमार पुत्र विनोद कुमार और अंजितेश रस्तोगी सहित अन्य भवन स्वामी शामिल हैं। नगर पंचायत ने नोटिस में साफ तौर पर कहा है कि निर्धारित 24 घंटे की समय सीमा के भीतर परनाले नहीं हटाए गए और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो संबंधित भवन स्वामियों के विरुद्ध नगर पालिका अधिनियम, 1916 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर पंचायत के इस कदम से स्पष्ट है कि निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता और सड़क पर जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन अब लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित भवन स्वामी निर्धारित समय में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करते हैं या नगर पंचायत को अगली कार्रवाई करनी पड़ती है।


