नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चार राज्यों में खाली हुई विधानसभा और लोकसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की पांच विधानसभा सीटों के साथ असम की एक लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। सभी सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
आयोग के मुताबिक उपचुनाव की औपचारिक अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी होगी। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर से पहले पूरी कर ली जाएगी।
तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होगा। ये सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं। दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 23 फरवरी को प्रकाशित की जा चुकी है।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी विधानसभा सीट पर भी मतदान होगा। यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसकी अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की गई थी।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होगा। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित हुई थी। इन सीटों के परिणाम राज्य की सियासत में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। इसकी अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।
चुनाव आयोग ने फिलहाल मेघालय की शिलॉन्ग और पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट के लिए तारीख घोषित नहीं की है। शिलॉन्ग सीट सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकान के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जबकि बशीरहाट सीट सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से खाली है।
आयोग के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाताओं की पहचान के लिए ईपीआईसी कार्ड मुख्य दस्तावेज रहेगा। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट समेत आयोग द्वारा मान्य अन्य पहचान पत्रों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की तैयारियां जोर पकड़ेंगी। 6 अक्टूबर का मतदान और 9 अक्टूबर के नतीजे इन सीटों पर राजनीतिक समीकरणों की नई तस्वीर पेश करेंगे।


