यूथ इंडिया, कमालगंज
मंगलवार सुबह हुई हल्की बरसात ने एक बार फिर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के कारण 33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन में ब्रेकडाउन हो गया, जिससे कमालगंज कस्बा सहित आसपास के करीब 350 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। अचानक बिजली गुल होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया। सुबह के समय बिजली न होने से घरों के जरूरी काम रुक गए, वहीं दुकानों और अन्य कारोबारों पर भी इसका सीधा असर पड़ा।
बिजली आपूर्ति ठप होने से आटा चक्की, वेल्डिंग, मोबाइल रिपेयरिंग समेत बिजली पर निर्भर कई छोटे कारोबार प्रभावित हुए। छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई भी बाधित रही और लोगों के मोबाइल व इन्वर्टर तक चार्ज नहीं हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि कमालगंज फीडर में बिजली की आंख-मिचौली अब आम समस्या बन गई है। उनका आरोप है कि महीने में एक-दो बार 33 हजार वोल्ट की लाइन में फाल्ट होने से घंटों तक आपूर्ति बाधित रहती है। कुछ दिन पहले भी इसी लाइन में ब्रेकडाउन के कारण क्षेत्र को बिजली संकट का सामना करना पड़ा था।
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार बार-बार होने वाले फाल्ट के पीछे पुराने और जर्जर तार-पोल, बिजली लाइन के आसपास पेड़ों की टहनियों की कटाई न होना तथा नियमित रखरखाव की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। बरसात के मौसम से पहले लाइन की उचित पेट्रोलिंग और जरूरी मेंटेनेंस न होने के कारण हल्की बारिश में भी ब्रेकडाउन की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से लाइन की जांच कराने, जर्जर तार और पोल बदलने तथा पेड़ों की टहनियों की नियमित कटाई कराने की मांग की है, ताकि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से लोगों को राहत मिल सके।
बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग को जानकारी दी, जिसके बाद विभागीय टीम फाल्ट तलाशने में जुट गई। जेई मदनचंद ने बताया कि बारिश के कारण 33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन हुआ है और विभाग की टीम लगातार फाल्ट तलाश रही है। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद पेट्रोलिंग जारी है और उम्मीद है कि दोपहर तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। फिलहाल कर्मचारी खराबी दूर करने में जुटे हैं, लेकिन ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल यह है कि आखिर बार-बार होने वाले इस बिजली संकट का स्थायी समाधान कब होगा।
फिर बत्ती गुल: 33 हजार वोल्ट की लाइन फेल, 350 गांव अंधेरे में


