फैक्ट्री मालिक नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार,
प्रयागराज/कौशांबी। प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में एक इंस्पेक्टर और छह दरोगाओं समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। हादसे में आठ बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हुई है। मंगलवार को सभी शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
वहीं, पुलिस ने फैक्ट्री मालिक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार शहर से बाहर भागने की कोशिश कर रहे नौशाद की घेराबंदी की गई थी। उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके पास से अवैध तमंचा भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
मलबे में अपनों की तलाश जारी
विस्फोट इतना भीषण था कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई और आसपास के कई मकान भी ढह गए। करीब 100 मीटर के दायरे में आठ मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि पांच-छह मकान पूरी तरह ढह गए। सोमवार से मंगलवार तक पुलिस, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के करीब 200 जवानों ने राहत और बचाव अभियान चलाया। करीब 10 घंटे तक चले अभियान में 10 बुलडोजरों की मदद से मलबा हटाया गया।
मंगलवार को भी मलबा हटाने का काम जारी रहा। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इस दौरान कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में घटनास्थल पर डटे रहे। एक बुजुर्ग पिता ने बताया कि उसके बेटे का एक पैर पोस्टमार्टम गृह में मिला है, लेकिन अभी पूरी लाश नहीं मिल सकी है।
लाइसेंस रद्द होने के बावजूद चल रही थी फैक्ट्री
जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में फैक्ट्री करीब दो साल से संचालित होने की बात सामने आई है और उसका लाइसेंस भी रद्द हो चुका था। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और संपत्ति जब्त करने की बात कही है। हादसे के बाद फैक्ट्री से करीब 400 मीटर दूर स्थित नौशाद के पटाखा गोदाम को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
एक परिवार में चार बच्चों की मौत
हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। पीड़ित गया प्रसाद के चार बच्चों जाह्नवी, आदित्य, अमित और रवि की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी अनीता घायल हैं। वहीं रेलकर्मी विक्रम, उनकी पत्नी अंजू और उनके दो बेटों की भी जान चली गई। परिवार की बड़ी बेटी संजना घटना के समय किराना की दुकान पर गई थी, जिससे उसकी जान बच गई।
विस्फोट के बाद प्रयागराज-कानपुर रेल मार्ग की ओवरहेड विद्युत लाइन भी प्रभावित हुई थी, जिससे ट्रेनों का संचालन करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा। रेलवे कर्मचारियों ने मरम्मत कर व्यवस्था बहाल की।
हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक नौशाद, उसके बेटे आदिल, पत्नी कहकशा बानो, भाई शकील, भाभी शबाना और भतीजी साइना समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शबाना और साइना को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष और राज्य सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।


