आवागमन बहाल; 30 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में
राजेपुर। गंगा पार क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुछ राहत मिली है। चित्रकूट डिप पर पानी कम होने के बाद आवागमन बहाल कर दिया गया है। राजेपुर कस्बा तिराहे पर लगी बैरिकेडिंग भी हटा दी गई, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई है। हालांकि करीब 30 गांवों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
अंबरपुर गांव में बाढ़ के पानी से करीब 300 परिवार प्रभावित हैं। कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। करीब आधा दर्जन बाढ़ पीड़ित अंबरपुर-बदायूं मार्ग के किनारे पॉलीथिन डालकर अस्थायी रूप से रह रहे हैं। चित्रकूट, सबलपुर और कंचनपुर समेत कई गांवों में भी पानी भरा होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में सुरक्षा को देखते हुए दिन के समय बिजली आपूर्ति बंद रखी जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब 11 बजे से सुबह चार बजे तक ही बिजली मिल पा रही है। पानी घटने के बाद गांवों में कीचड़ फैल गया है, जिससे पैदल चलने के साथ ही वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
बाढ़ का पानी भरे रहने और गंदगी के कारण अब बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अमरपुर, चित्रकूट और सबलपुर क्षेत्र में करीब 30 ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों में सीमा, रीता, सर्वेश, जगरानी, महेश, अरविंद, सोनेलाल और महिपाल सहित अन्य लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में दवा वितरण के लिए नहीं पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाने, चिकित्सकों की टीम भेजने और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ का पानी पूरी तरह न निकलने तक परेशानी बनी रहेगी।


