बारिश के बीच हेलीपैड पर डाली जा रही मिट्टी
राजेपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन सितंबर को राजेपुर थाना क्षेत्र के डबरी में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए सभा स्थल से लेकर हेलीपैड और वीआईपी मार्ग तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। सोमवार देर रात तक लोक निर्माण विभाग की टीमों ने मौके पर काम जारी रखा।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की देखरेख में सभा स्थल को समतल कराया जा रहा है। वीआईपी मार्ग को मजबूत बनाने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टरों से मिट्टी व बालू डाली जा रही है। बारिश के कारण मैदान में जलभराव न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। हेलीपैड स्थल पर भी मिट्टी डालकर उसे ऊंचा और मजबूत किया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
प्रांतीय लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एवं जोनल अधिकारी मुरलीधर तथा अधिशासी अभियंता अशोक कुमार के निर्देशन में 10 ट्रैक्टर, चार जेसीबी, प्रेशर रोलर और 50 से अधिक मजदूर तैयारियों में जुटे हैं। सभा स्थल पर मंच और वाटरप्रूफ टेंट लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर जल निकासी समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी मुरलीधर ने बताया कि कार्यक्रम के लिए वाटरप्रूफ कमल टेंट मंगाया गया है। वीवीआईपी के लिए मुख्य मार्ग से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी, जबकि आम लोगों को डबरी संपर्क मार्ग से सभा स्थल तक पहुंचाया जाएगा। प्रवेश और निकास के अलग-अलग इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे कार्यक्रम के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी न हो।
अलग-अलग स्थानों पर होगी वाहनों की पार्किंग
उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू ने वाहनों की पार्किंग व्यवस्था के लिए कई स्थानों का निरीक्षण किया। राजेपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए शिव कुमार सिंह के करीब 40 बीघा खेत को पार्किंग स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। हरदोई, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार मौके का निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन और आम लोगों के प्रवेश की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बारिश को देखते हुए प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती सभा स्थल पर जलभराव रोकना और कार्यक्रम के दौरान लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है।


