24 घंटे में यमुना का जलस्तर 85 सेंटीमीटर बढ़ा, बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा बाढ़ का पानी
प्रयागराज। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोनों नदियों के जलस्तर में करीब साढ़े तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए निगरानी तेज कर दी गई है।
बीते 24 घंटे में यमुना नदी का जलस्तर करीब 85 सेंटीमीटर बढ़ा है। नैनी में यमुना का जलस्तर 81.53 मीटर दर्ज किया गया, जबकि फाफामऊ में गंगा नदी का जलस्तर 81.56 मीटर पहुंच गया है।
जलस्तर बढ़ने का असर संगम क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा और यमुना दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रखा गया है। नदी किनारे के इलाकों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


