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Monday, August 31, 2026

अमन हॉस्पिटल फिर सवालों के घेरे में, स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप

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आठ मरीज भर्ती मिले, नए मरीजों की भर्ती पर रोक; मौत के मामले में रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज तलब

यूथ इंडिया | दिलीप कश्यप | कन्नौज

गुरसहायगंज। गुरसहायगंज क्षेत्र स्थित अमन हॉस्पिटल एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की जांच के घेरे में आ गया है। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को आठ मरीज भर्ती मिले। टीम ने तत्काल प्रभाव से नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगाने के निर्देश दिए। ओपीडी, आईपीडी और एनआईसीयू का निरीक्षण करते हुए भर्ती मरीजों से अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई।स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमओ अजहर सिद्दीकी और बृजेश शुक्ला शामिल रहे। टीम ने महिला के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज और बच्ची की मौत से जुड़े मामले में आवश्यक अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सकीय बयान और मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से संबंधित पूरी जानकारी मांगी है।

*पांच दिनों का पूरा रिकॉर्ड मांगा*

जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन से बीते पांच दिनों के दौरान अस्पताल में तैनात चिकित्सकों, स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सूची भी मांगी है। इसके अलावा मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों और अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई गई।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस देने की चेतावनी भी दी है। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं समेत अन्य बिंदुओं पर तैयार की गई रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

*पहले भी सवालों में रहा है अस्पताल*

स्थानीय स्तर पर अमन हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में पूर्व में भी मरीजों की मौत के मामलों के बाद विवाद सामने आए, जिनमें कथित तौर पर समझौते के जरिए मामले शांत किए गए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रत्येक मामले के तथ्य जांच का विषय हैं।

*बड़े डॉक्टर की नियमित मौजूदगी पर भी सवाल*

अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी नहीं रहती और जरूरत पड़ने पर बाहर से डॉक्टर बुलाए जाते हैं। बड़े ऑपरेशन अथवा सर्जरी के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता और मरीजों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।आरोप यह भी है कि अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर बड़े-बड़े चिकित्सकों के नाम और डिग्रियां प्रदर्शित हैं, लेकिन उनकी नियमित मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मरीजों के इलाज के समय अस्पताल में वास्तव में कौन-कौन से चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं।

*जांच के बाद खुलेगा अनियमितताओं का सच*

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब अमन हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं जांच के केंद्र में हैं। भर्ती मरीजों की संख्या से लेकर चिकित्सकों की तैनाती, उपचार संबंधी अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज और बच्ची की मौत से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी।अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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