फर्रुखाबाद। जनपद की वक्फ संपत्तियों को लेकर लंबे समय से उठ रहे विवादों के बीच नया मोड़ सामने आया है। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा कथित अनियमितताओं और संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर कार्रवाई करते हुए पूर्व मुतवल्ली जमशेद अब्बास को पद से हटा दिया गया है। वहीं बोर्ड की ओर से मोहम्मद रिजवान, शमशाबाद को संबंधित मामलों में कानूनी अधिकार और जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रहीं हैं ।
सूत्रों के अनुसार जिले की कई वक्फ संपत्तियों के संबंध में वर्षों से शिकायतें शासन स्तर तक पहुंचती रही हैं। इनमें ठंडी सड़क, गढ़ी जदीद तथा फर्रुखाबाद शहर स्थित कुछ वक्फ संपत्तियों और धर्मशालाओं पर कथित अवैध कब्जों के आरोप शामिल हैं। बताया जा रहा है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मोहम्मद रिजवान इन मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई की तैयारी में हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी इस प्रकरण की चर्चा तेज है। बताया जाता है कि जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर शासन को भेजी गई शिकायतों के आधार पर कई मामलों की जांच की मांग उठाई गई है। सूत्रों का दावा है कि शासन स्तर पर वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
विवादों के केंद्र में रहे जमशेद अब्बास और उनके सहयोगियों पर करोड़ों रुपये मूल्य की वक्फ संपत्तियों के कथित हस्तांतरण, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से समय-समय पर अपना पक्ष भी रखा जाता रहा है।
इसी बीच शहर के उद्योगपति एवं कारोबारी परिवार से जुड़े एक पुराने विवाद की भी चर्चा फिर शुरू हो गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. सिंह का कहना है कि न्यायालय में लंबित कुछ मामलों में आगे की कार्रवाई होने पर कई तथ्यों से पर्दा उठ सकता है। उनका दावा है कि पूर्व में दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।


