क्रासर
पीड़ित परिवार को ग्रामीणों ने पहुंचाई मदद, झुलसी बुजुर्ग महिला का इलाज जारी
कंपिल। थाना क्षेत्र के गांव कमरुद्दीन नगर में झोपड़ी में लगी आग की दर्दनाक घटना के दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में मातम पसरा रहा। दो वर्षीय मासूम बच्ची की मौत से पूरा गांव गमगीन नजर आया। वहीं मासूम को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसी बुजुर्ग महिला का इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जारी है। ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं और खाने-पीने सहित अन्य जरूरी सामान देकर मदद कर रहे हैं।
बताया गया है कि मंगलवार दोपहर गांव निवासी उर्वेश यादव अपने परिवार के साथ झोपड़ी नुमा घर में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उर्वेश यादव की दो वर्षीय पुत्री कुसुम प्रभा की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं मासूम को बचाने गई वरिष्ठ नागरिक महिला गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
घटना के बाद स्वजन झुलसी महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले गए थे, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में उनका उपचार जारी है।
पीड़ित परिवार के अनुसार आग में लगभग तीन लाख रुपये की नगदी, घरेलू सामान, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री जलकर राख हो गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पुलिस ने मंगलवार को मासूम बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बुधवार सुबह परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे।
घटना के दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। दूर-दराज से पहुंचे रिश्तेदार और ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचते रहे। मृतका की मां सरिता का रो-रोकर बुरा हाल बना रहा। परिवार की महिलाओं की आंखें नम रहीं और पूरे गांव में शोक का माहौल दिखाई दिया।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन से सहायता दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आग में परिवार का पूरा गृहस्थी का सामान जल गया है, जिससे उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झोपड़ी में लगी आग से मासूम की मौत के बाद दूसरे दिन भी गांव में पसरा मातम


