– फर्जी बिल, जीएसटी चोरी और पेट्रोल की जगह थिनर बेचने के आरोपों में तेज हुई कानूनी कार्रवाई
– रोशनाबाद स्थित सियाराम फिलिंग स्टेशन प्रकरण में सीजेएम कोर्ट ने शुरू की गंभीर सुनवाई, डीएम स्तर पर भी नहीं मिली राहत
फर्रुखाबाद। जिले में चर्चित रोशनाबाद स्थित सियाराम फिलिंग स्टेशन से जुड़े कथित मिलावटी ईंधन प्रकरण में अब कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों पवन कटियार और पंकज कटियार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने सुनवाई गंभीरता से शुरू कर दी है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर राहत पाने के प्रयासों को भी झटका लगा है।
मामले के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की शिकायत पर थाना शमशाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान पेट्रोल के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक साइंस लैब) भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
जांच से जुड़े आरोपों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पेट्रोल के नाम पर थिनर मिश्रित ईंधन बेचे जाने की आशंका जताई गई। इसके साथ ही फर्जी बिल तैयार करने और जीएसटी चोरी के भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच अलग-अलग संबंधित एजेंसियों के स्तर पर की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रकरण में अब नायरा (नायरा एनर्जी ) की ओर से भी अनुबंध और गुणवत्ता संबंधी नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है ।
प्रकरण में जिलाधिकारी न्यायालय फतेहगढ़ के समक्ष भी राहत का प्रयास किया गया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सीजेएम कोर्ट ने इसकी सुनवाई शुरू कर दी है।
सभी आरोप प्रमाणित हो गए हैं, संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कर संबंधी नियमों और पेट्रोलियम विपणन मानकों के उल्लंघन पर भी अलग कार्रवाई होगी ।


