लखनऊ। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित तीन दिवसीय विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कारीगरों और कामगारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया तथा विभिन्न कारीगरों को टूल किट वितरित कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद बीमारू राज्य बना दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश चलाने वालों की सोच ही बीमारू थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के शासकों को सैफई महोत्सव कराने और मुंबई से कलाकारों को बुलाने से फुर्सत नहीं थी। दूसरी ओर प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और कामगारों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। उन्होंने कहा कि कारीगरों के हुनर को सम्मान और रोजगार देने की दिशा में वर्तमान सरकार लगातार काम कर रही है।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार की योजनाओं से हस्तशिल्पी, कुम्हार, बढ़ई, लोहार सहित विभिन्न पारंपरिक कामगारों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती केवल पूजा और आयोजन का अवसर नहीं, बल्कि उन हाथों के सम्मान का दिन है जो अपने हुनर से समाज और अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी हुनरमंद व्यक्ति संसाधनों के अभाव में अपने हुनर को रोजगार में बदलने से वंचित न रहे।


