लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार पर सड़क, रोजगार, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले यूपी के विभिन्न एक्सप्रेस-वे की स्थिति पर आधारित फिल्म दिखाई गई। इसी दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने समर्थकों के साथ भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण की।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में बनाई जा रही सड़कें बनने के बाद जल्दी टूटने लगती हैं। उन्होंने गंगा, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के समय बनाए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे समेत कई निर्माण आज भी मजबूत हैं। उन्होंने दावा किया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की डिजाइन की नकल करने की कोशिश की गई, लेकिन वैसी सड़क नहीं बनाई जा सकी।
सपा अध्यक्ष ने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन बड़े आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर युवाओं को रोजगार और सामाजिक न्याय की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा। आईटीआई अनुदेशकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उन्होंने स्थायी भर्ती की मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया।
पर्यावरण के मुद्दे पर अखिलेश ने सरकार के पौधरोपण के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कागजों पर बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि इतने बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए हैं तो उनके लिए जमीन कहां है। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा तथा साइबर अपराध के मामलों में प्रदेश की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तानाशाही और दानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने सपा सरकार के समय बांटे गए लैपटॉप, गोमती रिवर फ्रंट और साइकिल हाईवे जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए अपने शासनकाल के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का दावा किया।
विश्वकर्मा जयंती के मौके पर अखिलेश यादव ने घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर विश्वकर्मा जयंती का सार्वजनिक अवकाश फिर बहाल किया जाएगा। लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर बनाने की बात भी कही। वहीं सपा में लौटे प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि राजनीति में सम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान मिलेगा, वहीं रिश्ता रहेगा। उन्होंने अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भेंट की और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।


