लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। बरेली, मेरठ, संभल, मुरादाबाद, कानपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। बरेली में तूफानी हवाओं के चलते पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, दीवारें गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
बरेली के बल्लाकोठा गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से गणेशी नाम की महिला की दबकर मौत हो गई। दूसरी घटना में भी दीवार गिरने से दादी और पोती की जान चली गई। किला पुल पर विशाल पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गया, जिससे बिजली के तार टूटकर सड़क पर आ गए। पेड़ एक कार पर भी गिरा, हालांकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं।
कानपुर में करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई पेड़ सड़कों पर गिर गए और संपर्क मार्ग बाधित हुए। इसके बाद मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। संभल में आधे घंटे में आठ मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गईं और कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंच गया। आगरा में भी तेज आंधी के बाद करीब आधे घंटे तक बारिश हुई।
लखीमपुर खीरी में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल पानी में डूब गई है और नदी का पानी मंदिरों तक पहुंच गया। प्रदेश के 26 जिलों में पहले से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे करीब चार लाख की आबादी प्रभावित बताई जा रही है।
राजधानी लखनऊ में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। वाराणसी में भी शाम को तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में 20 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क होने का अनुमान है।


