मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार (central government) की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के प्रमुख कचहरी चौक पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और चरमराई बेरोजगारी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय (गप्पू राय) ने किया। इस दौरान भारी संख्या में कांग्रेस नेता और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शशि भूषण राय ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में पेपर लीक होना सरकार की घोर लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम है जिससे देश के लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा बेरोजगारी और महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और दूसरी तरफ सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने में लगी है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नीट धांधली के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी इस आंदोलन को और उग्र करेगी।
प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा बचाओ भविष्य बचाओ के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार को युवा विरोधी बताया। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक केंद्र सरकार को घेरती रहेगी। मोतिहारी की इस घटना ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक का मुद्दा अब एक बड़ा जन-आंदोलन बनने की दिशा में अग्रसर है जो केंद्र सरकार के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।


