– माय भारत स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को जोड़ा गया
– टीबी मुक्त भारत ऐप से होगी गतिविधियों की डिजिटल रिपोर्टिंग
फर्रुखाबाद। टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और टीबी उन्मूलन की मुहिम में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए गुरुवार को जिले में जोश टीमों की गतिविधियों और टीबी मुक्त भारत ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम एनसीसी फर्रुखाबाद केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के निर्देशन में हुआ।
देशभर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ के साथ इस पहल को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। फर्रुखाबाद में आयोजित प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सहभागिता की।
जोश टीम में प्रत्येक स्तर पर एक क्लास -I नोडल ऑफिसर , 5 माय भारत वालंटियर्स और 5 एनसीसी कैडेट्स को शामिल किया जाएगा। टीम का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग में सहयोग करना और टीबी मरीजों को नियमित रूप से उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करना है।
टीमें रैली, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, वॉल राइटिंग और अन्य IEC गतिविधियों के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और उपचार की जानकारी देंगी।
प्रशिक्षण के दौरान टीबी मुक्त भारत ऐप पर गतिविधियों की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई गई। जागरूकता, मोबिलाइजेशन, स्क्रीनिंग में सहयोग और अन्य गतिविधियों का रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐप पर दर्ज किया जाएगा।
इस डिजिटल व्यवस्था से अभियान की गतिविधियों की निगरानी आसान होगी और जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों का रिकॉर्ड भी तैयार रहेगा।
प्रशिक्षण में टीबी मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने तथा उनकी गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। टीमों को परिवारों और संवेदनशील समूहों के बीच टीबी की रोकथाम, लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और उपचार पूरा करने के लिए जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
माय भारत स्वयंसेवकों को निक्षय मित्र के रूप में जुड़ने, टीबी मुक्त भारत ऐप एवं खुशी चैटबॉट के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद टीबी मरीजों तक पोषण संबंधी सहयोग पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग की मदद करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, डीडीओ श्याम कुमार तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी अमरेश बाजपेयी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय यादव और उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुनय कुटार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों डॉ. आरसी माथुर, डॉ. दीपक कटारिया और डॉ. परीक्षित सफीर ने भी सहभागिता की।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग प्रशासन, माय भारत स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों के साथ समन्वय कर अभियान को गांव, परिवार और समुदाय तक पहुंचाने में जुटा है। इससे टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ गतिविधियों की डिजिटल निगरानी और रिपोर्टिंग भी मजबूत होगी।


