कमालगंज संवाददाता।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं, संगिनियों और संविदा कर्मियों की हड़ताल गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं हैं, जिससे प्रतिदिन आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को हड़ताल का असर साफ तौर पर सीएचसी की व्यवस्थाओं पर दिखा। डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार जिले के चार्ज में व्यस्त होने के कारण सीएचसी नहीं पहुंचे, वहीं संविदा पर तैनात डॉक्टर विनीश माथुर भी हड़ताल में शामिल रहे।
ऐसे में पूरे दिन की ओपीडी की जिम्मेदारी सिर्फ दो डॉक्टरों – डॉ. विकास पटेल और डॉ. कृतिका कटियार के कंधों पर रही। मरीजों की अधिक संख्या के कारण दोनों डॉक्टरों पर लगातार दबाव बना रहा। दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
उधर, सीएचसी परिसर में आशा और संगिनियों का धरना भी जारी रहा। आशाओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया है। थाने से एक दरोगा, महिला पुलिसकर्मी और कांस्टेबल समेत करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी सीएचसी पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे परिसर में हलचल बनी रही।
आशा कार्यकर्ता मानदेय बढ़ाने, संगिनियों का मानदेय तय करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने जैसी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। इस धरने के चलते स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई काम प्रभावित हुए हैं। बुधवार को आशाओं ने कोल्ड चेन के सामने धरना देकर वैक्सीनेशन पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी थी।
आशाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संविदा कर्मियों की हड़ताल से आने वाले दिनों में भी मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।


