लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं पंजीकरण विभाग ने संपत्ति के पंजीकरण और रियायती स्टांप शुल्क से जुड़े मामलों में बड़ा बदलाव किया है। अब आधार कार्ड को केवल पहचान के रूप में स्वीकार किया जाएगा, जबकि पारिवारिक रिश्तों का प्रमाण आधार कार्ड से नहीं माना जाएगा।
नए निर्देशों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पारिवारिक संबंध के आधार पर स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट का दावा करता है, तो उसे जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल या अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। संबंधित अधिकारियों द्वारा इन दस्तावेजों के आधार पर रिश्तों का सत्यापन किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि आधार कार्ड केवल किसी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण है, यह पारिवारिक संबंधों का प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे में गलत दस्तावेजों के आधार पर रियायती स्टांप शुल्क का लाभ लेने की संभावना को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अपने पारिवारिक संबंध साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर या अन्य अधिकृत अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। सरकार का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना, फर्जी दावों पर रोक लगाना और राजस्व की हानि को रोकना है।


