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Tuesday, June 16, 2026

सुप्रीम कोर्ट में आधार को लेकर जनहित याचिका, पहचान पत्र के रूप में मान्यता की मांग

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नई दिल्ली। आधार कार्ड के उपयोग और उसकी कानूनी स्थिति को लेकर एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में आधार को व्यापक रूप से पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किए जाने की मांग उठाई गई है। याचिका में आधार की वैधानिक स्थिति और उसके उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि आधार कार्ड आज देश में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले दस्तावेजों में शामिल है और सरकारी योजनाओं से लेकर बैंकिंग, मोबाइल कनेक्शन तथा विभिन्न सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इसे पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किए जाने को लेकर स्पष्टता आवश्यक है।

हालांकि याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि आधार कार्ड को नागरिकता अथवा स्थायी निवास का प्रमाण पत्र नहीं माना जा सकता। याचिकाकर्ता ने कहा है कि आधार की मौजूदा कानूनी स्थिति को लेकर कई बार भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट अपने कई महत्वपूर्ण फैसलों में स्पष्ट कर चुका है कि आधार का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है, न कि उसकी नागरिकता का निर्धारण करना। आधार अधिनियम के तहत भी इसे पहचान सत्यापन के दस्तावेज के रूप में देखा जाता है।
याचिका में मांग की गई है कि आधार के उपयोग, उसकी वैधानिक मान्यता और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं में उसकी स्वीकार्यता को लेकर एक समान नीति बनाई जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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