फर्रुखाबाद, कायमगंज।कोतवाली क्षेत्र के छप्पट्टी मोहल्ले में मामूली कहे जा रहे विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, लेकिन पड़ताल में सामने आया कि मामला सिर्फ झगड़े का नहीं, बल्कि करोड़ों के अवैध सट्टा कारोबार से जुड़ा है। मकान मालिक और कथित सट्टा माफिया के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते बवाल में बदल गई, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) के दौरान बड़े स्तर पर सट्टा संचालित किया जाता है। आरोप है कि जिस मकान में यह गतिविधि चल रही थी, उसी को लेकर मकान मालिक और सट्टा संचालकों के बीच विवाद भड़क गया। कुछ ही देर में सट्टा गिरोह के लोग मौके पर पहुंच गए और हमले की स्थिति बन गई।
घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि कई घरों के शीशे तक टूट गए। महिलाओं और बच्चों ने घरों में छिपकर जान बचाई।
सूत्रों का दावा है कि इस इलाके में आईपीएल सीजन के दौरान रोजाना लाखों से लेकर करोड़ों रुपये का सट्टा खेला जाता है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े अवैध कारोबार के बावजूद पुलिस की सक्रियता सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा नेटवर्क चल पाना संभव नहीं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। हालांकि, अब तक किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ पत्थरबाजी की जांच होगी या फिर इस पूरे सट्टा सिंडिकेट पर भी शिकंजा कसा जाएगा?
फर्रुखाबाद में अवैध सट्टे का यह नेटवर्क नया नहीं है, लेकिन हर बार छोटे विवाद के बाद मामला दबा दिया जाता है। इस बार खुलकर सामने आया यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है—क्या कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रहेगी या फिर करोड़ों के इस काले खेल पर सच में लगाम लगेगी?
आईपीएल सट्टे का अड्डा बना विवाद की जड़: छप्पट्टी में ईंट-पत्थर चले, पुलिस पर संरक्षण के आरोप


