लखनऊ/दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छात्र नेता आशुतोष पांडे के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता आशुतोष पांडे को टीजीटी परीक्षा से पहले जेल में रखकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि आशुतोष पांडे को पांच वर्ष बाद आयोजित महत्वपूर्ण टीजीटी परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन परीक्षा के दिन भी उन्हें जेल से बाहर नहीं आने दिया गया। उन्होंने इसे युवाओं के अधिकारों पर हमला बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
आप सांसद ने दावा किया कि वह स्वयं आशुतोष पांडे से जेल में मुलाकात करने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति नहीं दी। इसे लेकर उन्होंने प्रशासनिक रवैये की भी आलोचना की और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को भी मिलने से रोकना कई सवाल खड़े करता है।
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों की गलत सलाह पर लिए जा रहे फैसले सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश किसी भी सरकार के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
अपने बयान में संजय सिंह ने लिखा, “नौजवानों से मत टकराओ योगी जी, हर तानाशाही का अंत नौजवानों ने ही किया है।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
आशुतोष पांडे के मामले को लेकर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। वहीं सरकार या प्रशासन की ओर से संजय सिंह के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


