फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन फतेहगढ़ में चुनाव और कार्यकारिणी के अधिकारों को लेकर नया विवाद सामने आया है। बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव एवं अधिवक्ता नरेश सिंह यादव ने अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजकर कार्यकारिणी की वैधता, चुनाव प्रक्रिया तथा कथित फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
26 मई 2026 को भेजे गए पत्र में नरेश सिंह यादव ने दावा किया है कि 28 फरवरी 2025 को हुए चुनाव के बाद गठित कार्यकारिणी का कार्यकाल 7 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद कार्यकारिणी द्वारा लिए जा रहे निर्णयों और प्रस्तावों को उन्होंने नियमों के विपरीत बताया है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि मॉडल बायलॉज के नियमों तथा बार काउंसिल और उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्देशों की अनदेखी करते हुए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव कराने को लेकर उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कुछ दस्तावेजों और पत्रों को बिना विधिक प्रक्रिया के प्रसारित किया गया, जिससे उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ। उन्होंने दावा किया कि कुछ पत्राचार और सूचनाएं कार्यकारिणी अथवा आम सभा के समक्ष प्रस्तुत किए बिना ही सोशल मीडिया, व्हाट्सएप समूहों और समाचार माध्यमों में प्रसारित की गईं।
नरेश सिंह यादव ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पारित किए गए आदेशों और प्रस्तावों की वैधानिक स्थिति संदिग्ध है। उन्होंने संबंधित पत्रों और आदेशों का तत्काल खंडन प्रकाशित कराने तथा उनकी प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस पूरे मामले ने बार एसोसिएशन के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। अधिवक्ता समुदाय में अब इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि विवाद का समाधान संगठन के संविधान, मॉडल बायलॉज और विधिक प्रावधानों के अनुरूप किस प्रकार किया जाएगा।


