नई दिल्ली। राजधानी के मालवीय नगर इलाके में स्थित हौजरानी के एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने दर्दनाक त्रासदी का रूप ले लिया। शुरुआती तौर पर कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में यह हादसा और भयावह साबित हुआ। आग की चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8:50 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। आग तेजी से फैलने के कारण रेस्टोरेंट का बेसमेंट और अन्य हिस्से घने धुएं से भर गए, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 12 लोगों की जान जा चुकी थी।
हादसे के बाद पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
सबसे बड़ा सवाल अब रेस्टोरेंट में मौजूद फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर उठ रहा है। क्या भवन में अग्निशमन यंत्र कार्यशील थे? क्या आपातकालीन निकास मार्ग उपलब्ध था? क्या बेसमेंट में क्षमता से अधिक लोगों को रखा गया था? इन सभी बिंदुओं की जांच शुरू कर दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान फायर सेफ्टी नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित रखते हैं। ऐसे में यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा मानकों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस और दमकल विभाग ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव या अन्य तकनीकी कारणों की संभावनाओं पर भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो रेस्टोरेंट संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।


