शाहजहांपुर/जलालाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जलालाबाद में दवाओं के स्टॉक एवं वितरण रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर फार्मासिस्ट मोहम्मद इलियास अख्तर के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए अगले एक वर्ष तक किसी भी स्वास्थ्य केंद्र का प्रभार न देने के आदेश जारी किए गए हैं।
मामला उस समय उजागर हुआ जब जिलाधिकारी ने 16 जून को सीएचसी जलालाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का मुख्य द्वार बंद मिला और कई मरीज बाहर इंतजार करते दिखाई दिए। सीमित स्टाफ की मौजूदगी तथा व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
डीएम के आदेश पर एसडीएम प्रभात राय ने दवाओं के स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर की गहन जांच की। जांच में रिकॉर्ड में दर्ज दवाओं और वास्तविक उपलब्ध स्टॉक के बीच भारी अंतर पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही एवं विभागीय अनियमितता मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक मिश्रा ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अभिलेखों और दवा स्टॉक को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है।


