– हिरासत और पूछताछ की खबरों का किया खंडन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र से जुड़ी कथित गबन की चर्चाओं के बीच पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मामले में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही किसी से पूछताछ की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंदिर से संबंधित वित्तीय प्रक्रिया के अंतर्गत नियमित ऑडिट और लेखा परीक्षण की व्यवस्था पहले से प्रचलित है। इसी क्रम में दान राशि के मिलान और अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया चलती रहती है, जिसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में चल रही कुछ खबरों के विपरीत फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई हिरासत या गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही किसी भी व्यक्ति से औपचारिक पूछताछ किए जाने की सूचना भी गलत है।
अधिकारियों के अनुसार दान पात्रों की गणना, रिकॉर्ड का मिलान और ऑडिट की प्रक्रिया समय-समय पर की जाती है ताकि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इसे किसी आपराधिक कार्रवाई या जांच से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राम मंदिर के दान पात्र को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं सामने आई थीं, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रशासन का कहना है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वर्तमान में नियमित ऑडिट प्रक्रिया के अलावा कोई विशेष जांच या कानूनी कार्रवाई नहीं चल रही है।


