– एससी/एसटी कोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट खारिज की
– विशेष न्यायालय ने दोबारा परिवाद दर्ज करने के दिए आदेश
– 25 जून को अगली सुनवाई
यूथ इंडिया
प्रवीण कुमार
इटावा। राजपाल यादव के रिश्तेदार से जुड़े एक मामले में इटावा की विशेष एससी/एसटी अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने थाना भरथना क्षेत्र से जुड़े प्रकरण में पुलिस द्वारा लगाई गई अंतिम आख्या (फाइनल रिपोर्ट) को निरस्त कर दिया है। अदालत ने वादी की आपत्ति याचिका स्वीकार करते हुए मामले को पुनः परिवाद के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वादी ने राहुल यादव समेत अन्य आरोपियों पर मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने जांच के बाद 28 नवंबर 2024 को अंतिम आख्या लगाकर घटना को असत्य बताते हुए मामला समाप्त कर दिया था।
हालांकि वादी ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए न्यायालय में आपत्ति याचिका दाखिल की। अदालत ने केस डायरी, उपलब्ध साक्ष्य और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि वादी को अपने आरोपों को साक्ष्यों के माध्यम से साबित करने का पूरा अधिकार है और उसे अवसर मिलना चाहिए।
बताया जा रहा है कि आरोपी राहुल यादव ग्राम कुशगवां अहिरान के निवासी हैं और वर्तमान में एचडीएफसी बैंक की इटावा शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। साथ ही यह मामला अभिनेता राजपाल यादव के जीजा से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
न्यायालय ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में वादी की आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाना आवश्यक है। अदालत ने अंतिम आख्या संख्या 60/2024 को निरस्त करते हुए प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए।
इसके साथ ही न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के तहत परिवादी के बयान दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 जून 2026 को निर्धारित की गई है।


