केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और सैन्य सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वे इस मंच पर वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत का दृष्टिकोण संतुलित और शांति केंद्रित है।
रक्षा मंत्री बैठक में आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ भारत की “शून्य सहिष्णुता” नीति को भी मजबूती से सामने रखेंगे। भारत लंबे समय से इस मंच का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करने के लिए करता रहा है।
एससीओ की यह बैठक यूरेशिया क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के बीच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें सदस्य देश अस्थिरता, चरमपंथ और क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों पर साझा रणनीति तैयार करने पर विचार करेंगे। भारत का मानना है कि इन चुनौतियों का समाधान केवल सहयोग और संवाद से ही संभव है।
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह कई देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य रक्षा सहयोग बढ़ाना, रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।


