नई दिल्ली। मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन और चेतावनी संदेश के साथ आने वाले इमरजेंसी अलर्ट फिलहाल बंद हो गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए ) ने सेल ब्रॉडकास्ट आधारित सार्वजनिक चेतावनी सेवा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इसके बाद देशभर में करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को फिलहाल ऐसे अलर्ट संदेश प्राप्त नहीं होंगे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पर आधारित इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को व्यापक स्तर पर लागू किया था। इस प्रणाली के माध्यम से भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आंधी-तूफान और अन्य आपात स्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल चेतावनी संदेश भेजे जाते थे। अलर्ट प्राप्त होते ही मोबाइल फोन पर तेज ध्वनि के साथ एक विशेष संदेश फ्लैश होता था, जिससे लोगों को संभावित खतरे की जानकारी मिल सके।
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर ऐसे अलर्ट संदेश प्राप्त हुए थे। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इन संदेशों को साझा करते हुए इसकी उपयोगिता और बार-बार आने वाले अलर्ट को लेकर चर्चा भी की थी।
विशेषज्ञों के अनुसार सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक सामान्य एसएमएस सेवा से अलग होती है। इसमें किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ संदेश भेजा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिना इंटरनेट और बिना किसी मोबाइल एप्लीकेशन के भी कार्य करती है तथा आपदा की स्थिति में कुछ ही सेकेंड में बड़ी आबादी तक चेतावनी पहुंचाने में सक्षम है।
सूत्रों के मुताबिक एनडीएमए द्वारा फिलहाल इस सेवा को तकनीकी समीक्षा और प्रणाली के मूल्यांकन के लिए अस्थायी रूप से रोका गया है। माना जा रहा है कि भविष्य में आवश्यक सुधारों और परीक्षणों के बाद इस सेवा को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल माना जा रहा था, क्योंकि इसके माध्यम से सरकार सीधे नागरिकों तक आपातकालीन संदेश पहुंचाने में सक्षम हुई थी। हालांकि अब इसके अस्थायी रूप से बंद होने के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि यह व्यवस्था कब तक पुनः शुरू होगी।


