कोलकाता
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के बाद सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है और नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सामिक भट्टाचार्य ने घोषणा की है कि राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस भव्य समारोह में नरेंद्र मोदी, एनडीए और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। साथ ही नई सरकार के गठन के तहत लगभग दो दर्जन मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
चुनाव परिणामों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी ने इस बार ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे उसने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह केवल 80 सीटों पर सिमट गई। इस परिणाम के साथ राज्य में टीएमसी के 15 साल लंबे शासन का अंत हो गया है।
भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती का दिन चुना है, जिसे बंगाली कैलेंडर के अनुसार 25वां वैशाख कहा जाता है। इसे बंगाली अस्मिता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर पार्टी ने केंद्रीय स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। अमित शाह को विधायक दल की बैठक के लिए मुख्य केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक होंगे। माना जा रहा है कि विधायक दल की बैठक में ही मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह चुनाव ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है, जहां लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है और अब 9 मई को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह इस नए राजनीतिक अध्याय की औपचारिक शुरुआत करेगा।


