नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने अमेरिकी और यूक्रेनी दूतावास (American and Ukrainian Embassies) के अधिकारियों की अपील को ठुकरा दिया। गिरफ्तार सातों विदेशी नागरिकों पर टूरिस्ट वीजा पर भारत में आने, गैर कानूनी तरीके से म्यांमार में घुसने, और वहां के जातीय समूहों और आतंकवादी संगठनों को हथियारों और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग देने का आरोप है। पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में गिरफ्तार एक अमेरिकी और छह अन्य विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ा दी है।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राष्ट्रीय सुरक्षा में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों को बड़ा झटका लगा है। पटियाला हाउस कोर्ट ने एक अमेरिकी नागरिक के साथ छह विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत को तीस दिनों के लिए बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही पटियाला हाउस कोर्ट ने अमेरिकी और यूक्रेनी दूतावास के अधिकारियों की विदेश मंत्रालय की इजाजत के बिना सुनवाई में शामिल होने वाली निवेदन को भी ठुकरा दिया। इसके अलावा सुनवाई को दौरान गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक ने एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज और यूक्रेनी नागरिकों ने अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात करने की गुजारिश की। इसके बाद कोर्ट ने आरोपियों को इसके संबंध में अर्जी देने के भी निर्देश दिए।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों में में एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक और यूक्रेन के हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोवस्की, स्टेफांकीव मारियन, होनचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्ट शामिल हैं। इससे पहले 6 अप्रैल को भी इन सभी आरोपियों को एनआईए की हिरासत अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।
आपको बता दें कि गिरफ्तार आरोपियों को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया है। जहां कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत को तीस दिनों के लिए बढ़ा दिया।


