लखीमपुर-खीरी
जिले मे नीट अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा ने छात्र की मौत को लेकर परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन करते हुए परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी एनटीए के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ईशानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव निवासी ऋतिक मिश्रा शहर के गंगोत्री नगर स्थित मकान में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। गुरुवार सुबह उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। परिजनों के अनुसार ऋतिक ने तीसरी बार नीट परीक्षा दी थी और इस बार चयन को लेकर बेहद उत्साहित था, लेकिन परीक्षा रद्द होने तथा पेपर लीक की चर्चाओं से वह मानसिक तनाव में आ गया था।
घटना के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एनटीए की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की, जबकि समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा” ऋतिक के आखिरी शब्द थे। उन्होंने कहा कि ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, बल्कि भ्रष्ट तंत्र ने उन्हें मार दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि वर्ष 2015 से 2026 के बीच देश में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, जिनमें 87 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं प्रियंका गांधी ने छात्र की मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परीक्षाओं में फैल रहा भ्रष्टाचार युवाओं की जान ले रहा है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों छात्र मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण उनका भविष्य संकट में पड़ जाता है। छात्र की मौत के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बना हुआ है और प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।


