हरदोई (तिलमयी)।
जिला हरदोई के ग्राम तिलमयी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर असलापुर धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य अनूप ठाकुर जी महाराज ने अपने अमृतमयी वचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के दिव्य मार्ग का बोध कराया। महाराज जी की ओजस्वी वाणी ने समस्त वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
महाराज जी ने कथा के प्रथम दिवस में भागवत निर्माण, भक्ति-ज्ञान-वैराग्य तथा गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि “जब मनुष्य के जीवन में भक्ति और सत्संग का संचार होता है, तब ज्ञान स्वतः जागृत होता है और वैराग्य जीवन को मोक्ष की ओर अग्रसर करता है।”

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 08 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। श्रद्धालु माताओं-बहनों ने सिर पर कलश धारण कर प्राचीन शिव मंदिर स्थित कथा पांडाल से गर्रा नदी तक यात्रा निकाली। वहां विधिवत पूजन-अर्चन कर पवित्र जल से घट भरकर पुनः कथा पांडाल में स्थापित किए गए। इस दिव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता के रंग में रंग दिया।
इस पावन अवसर पर यजमान के रूप में सपत्नीक परीक्षित अरुण सिंह सहित श्याम मोहन सिंह, राममोहन सिंह, सोनू सिंह, सूरज, विवेक, गंगाप्रसाद तिवारी एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।
महाराज जी ने अपने संदेश में समाज को एकता, संस्कार और सहयोग की प्रेरणा देते हुए कहा कि “भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। जब व्यक्ति अपने आचरण में धर्म को धारण करता है, तभी समाज सशक्त और संस्कारित बनता है।


